इतिहास

डुबकियाँ गाँव तीन पुरवों में बसा है जिसमें डुबकियाँ मुख्य है तथा हुसेपुर और जिगना दो छोटे-छोटे पुरवे हैं। डुबकियाँ में रेलवे लाइन के किनारे एक मौलवी आये और उन्होंने एकान्त में जमीन ली। उन्हें गाँव के लोग हुसैन साहब कहते थे। उसके बाद धीरे-धीरे बहुत से मुस्लिम वहाँ बाहर से आने लगे तो हुसैन साहब के नाम से उस बस्ती का नाम हुसेपुर पड़ गया।