डुबकियाँ हुसेपुर व जिगना तीन बस्तियों का गाँव है जिसमें मुख्य जातियाँ यादव, मुस्लिम, राजभर व हरिजन है। कुछ मल्लाह भी यहाँ रहते हैं। यहाँ एक छोटा सा बाजार है। हुसेपुर बस्ती में पंचायत भवन, प्राथमिक विद्यालय व एक डीह बाबा का मन्दिर है जहाँ के लोगों का पेशा कृषि व पशुपालन है तथा कुछ लोगों का रोजगार दुकान भी है।
इतिहास
डुबकियाँ गाँव तीन पुरवों में बसा है जिसमें डुबकियाँ मुख्य है तथा हुसेपुर और जिगना दो छोटे-छोटे पुरवे हैं। डुबकियाँ में रेलवे लाइन के किनारे एक मौलवी आये और उन्होंने एकान्त में जमीन ली। उन्हें गाँव के लोग हुसैन साहब कहते थे। उसके बाद धीरे-धीरे बहुत से मुस्लिम वहाँ बाहर से आने लगे तो हुसैन साहब के नाम से उस बस्ती का नाम हुसेपुर पड़ गया।